Sunday, November 16, 2008

पहाड़




पहाड़
आदमी स‌े पहले
पेड़ का घर है
पहाड़ों पर हवाएं पसरती हैं
पहाड़ों पर रहती हैं नदियां
कूदती-फांदती हुई
पहाड़
बर्फ, कोहरे और
बादलों के लिए होता है
बर्फ, बादल, कोहरा, पेड़, पानी
और हवाएं
होते हैं हमारे लिए
तुम्हारे लिए
चिड़ियों और मछलियों के लिए
कुछ इस तरह
स‌ारी दुनिया के लिए होते हैं
पहाड़।
(साभारः रचना- श्री लोकेश नवानी, फोटो- श्री डीएस स‌िजवाली)

1 comment:

Anonymous said...

sir ji bhut accha laga. bye