
पहाड़
आदमी से पहले
पेड़ का घर है
पहाड़ों पर हवाएं पसरती हैं
पहाड़ों पर रहती हैं नदियां
कूदती-फांदती हुई
पहाड़
बर्फ, कोहरे और
बादलों के लिए होता है
बर्फ, बादल, कोहरा, पेड़, पानी
और हवाएं
होते हैं हमारे लिए
तुम्हारे लिए
चिड़ियों और मछलियों के लिए
कुछ इस तरह
सारी दुनिया के लिए होते हैं
पहाड़।
(साभारः रचना- श्री लोकेश नवानी, फोटो- श्री डीएस सिजवाली)
